कार्यक्रम के बारे में
गीत, संगीत, नाटक व डफली – यह किसी भी प्रगतिशील जनवादी क्रांतिकारी आंदोलन का हमेशा से अहम हिस्सा रहे हैं। जनता में जोश भरने के लिए और हमारे मुद्दों को बहुत सरल तरीके से लोगों को समझाने के लिए गीत नाटक कविताएं हमेशा जन चेतना को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम रहे हैं। और हमें लगता है कि जब गीत गाया जाए तो उसके साथ अगर डफली की ताल मिल जाए तो सुनने वालों में और गाने वालों में एक अलग तरह का जोश देखने को मिलता है। इसीलिए हम जन संगठनों में प्रतिशील संस्थानों में क्रांतिकारी संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को इस कार्यशाला में आमंत्रित करते हैं जिसमें वे न केवल डफली बजाना सीखेंगें बल्कि इसके साथ ही गीतों का प्रस्तुतीकरण कैसे किया जाए इन तमाम पहलुओं को समझ सकेगें। इसके अलावा कार्यशाला में विभिन्न स्थानों से आए साथियों से उनके इलाके में या उनके संगठनों में गए जाने वाले नए गीतों को भी सीखेंगे। कविताओं को गीत के रूप में कैसे प्रस्तुत करें और अच्छी कविताओं को कैसे जनता के बीच गाएं, ये सब भी हम सीखने समझने का प्रयास करेंगे।
डफली एक ऐसा वाद्य यंत्र है जिसे बाकी सभी बजाने वाले वाद्य यंत्र की तुलना में बहुत जल्दी और आसानी से सीखा जा सकता है। इसलिए ऐसे सांस्कृतिक संगठन जो नुक्कड़ शैली में नाटक करते हैं यह गीत गाते हैं उनके लिए डफली सीखने का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि डफली से बिना किसी बड़े ताम-झाम के हम जनता को इकट्ठा कर सकते हैं और अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से जनता में जनवादी और प्रगतिशील राजनीति का प्रचार कर सकते हैं।
जनता के गीत एवं डफली कार्यशाला उन युवाओं को आमंत्रित करती है जो डफली बजाना सीखना चाहते हैं और जो गीतों के प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया को सीखना चाहते हैं, इसके अलावा संगीत संयोजन, तथा प्रतिरोध के संगीत की प्रस्तुतियां व निर्माण में रूचि रखते हैं| यह एक चार दिवसीय कार्यशाला है, इसमें गायक, संस्कृति-कर्मी गीतकार तथा वे लोग मौजूद रहेंगे जिन्होनें संगीत के द्वारा प्रतिरोध स्थलों को लोकतान्त्रिक बनाया है|
यह कार्यशाला वर्तमान अन्याय और भेदभाव के विरोध में अलग अलग तरह के गीत संगीत को सुनने, गीत गाने, गीत बनाने तथा उन पर चर्चा की शुरुआत भी करेगी|
आवेदन कौन कर सकता है:
जो डफली बजाना सीखना चाहता है, जो लोग गीत लिख सकते हैं, गा सकते हैं अथवा एक या अनेक साज बजा सकते हैं (अभी हम इस स्थिति में नहीं हैं कि अगर आप में इनमें से कोई भी योग्यता नहीं है और आप महज़ एक उत्साही व्यक्ति हैं को इसमें शामिल कर पायें)
जो भी साथी इस कार्यशाला में डफली बजाना सीखने के लिए आ रहा है उसके लिए यह जरूरी है कि वह अपने साथ अपनी डफली जरूर साथ लेकर आए। अगर आप को डफली नहीं मिल रही है तो आप पहले से सूचित करके डफली मंगवा सकते हैं। ताकि आप को संभावना पहुंचने पर डफली मिल सके।
आयु सीमा: 18- 50
भाषा: हिंदी, पंजाबी, हरियाणवी
स्रोत व्यक्ति: वीरेन, कोमल, प्रमोद
कार्यशाला के लिए योगदान राशि कार्यशाला में जुड़ने के लिए सहयोग राशि 3500/- रूपए हैं| इसमें आपके रहने खाने और कार्यशाला में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री का मूल्य शामिल है| हलाकि जो साथी यह शुल्क देने में असमर्थ हैं वो आंशिक योगदान कर सकते हैं| आर्थिक सहयोग की आवश्यकता को आवेदन पत्र में यह स्पष्ट कर दें।
तारीख: 25 से 28 अक्टूबर 2025
स्थान – संभावना संस्थान, पालमपुर, हिमाचल प्रदेश
अन्य जानकारी अथवा पूछताछ के लिए – व्हाट्सप्प/कॉल – +91-889 422 7954 (केवल 10 am – 5 pm के बीच कॉल करे); ईमेल – [email protected]
आवेदन के लिए, कृपया नीचे दिया गया फॉर्म भरें।